Mohabat Tujhse Mohabat Hai
कल जैसा था वैसा ही आज भी है
घड़ी की सुई फिर से 11:11 पे है
चाँद भी मेरे छत पर आ गया है
लेकिन आज दुआ नहीं माँगी हमनें
जब पता हो ,ईश्वर ख़ामोश हैं
फिर मांगो ना, मांगो फ़र्क नही पड़ता !!
एक शख़्स ,एक चाँद
एक शराब की बोतलें
थोड़ी सी पानी,कुछ सिगरेट
और ढेर सारी तन्हाइयां
इतने बोझ के तले
इंसान दब के ना मरेगा तो क्या करेगा !!
सुनो, शराब की बोतलें बढ़ाओ दो !!
घड़ी की सुई फिर से 11:11 पे है
चाँद भी मेरे छत पर आ गया है
लेकिन आज दुआ नहीं माँगी हमनें
जब पता हो ,ईश्वर ख़ामोश हैं
फिर मांगो ना, मांगो फ़र्क नही पड़ता !!
एक शख़्स ,एक चाँद
एक शराब की बोतलें
थोड़ी सी पानी,कुछ सिगरेट
और ढेर सारी तन्हाइयां
इतने बोझ के तले
इंसान दब के ना मरेगा तो क्या करेगा !!
सुनो, शराब की बोतलें बढ़ाओ दो !!


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