Mohabbat Tujhse Mohabbat Hai

     ..-Mohabbat Tujhse Mohabbat Hai-..

उफ्फ वो
तेरा फोन की
घंटी से मुझे उठाना
और कहना,
"उठिए जनाब, सुबह हो गयी"

उफ्फ,
जो पूछा उनसे 
हमने, 
"आज मीठे में क्या है?",
मेरी एक उंगली पकड़कर अपने होंटों पे रख दी!

आरे बहोत तीखी मिर्ची
हो तुम,
तो होंठ चुम कर बोली
और अब!

आरे इतना प्यार कब,
हुआ मुझसे?
अपनी सिर को मेरे सीने,
पर रख के बोली,
ये धड़कता है जबसे!!

मैंने पूछा कि 
तूने भुला दिया 
मुझको कैसे.. 
उसने चुटकी बजा कर कहा, 
"ऐसे, ऐसे, ऐसे"
     
                 
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      न तेरी हाँ 
न तेरी ना
और न ही ज़माने की परवाह करी,
मैंने तुझे उसूलों से बढ़कर चाहा है !

वो लड़कियाँ
जो रोना चाहती हैं खुलकर
किसी कांधे पर सिर रखते हुए
अक्सर तकिए पर सिसकती हुई पायी जाती हैं!

उन बातों पे में
बहुत ही फुट फुट कर रोता,
जिनको में कह देता हूं
चलो कोई बात नही,,

प्रिंस कुमार

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